हर समस्या का समाधान प्रभु करके देंगे बस विश्वाश रखना जरुरी।

दोस्तों यदि जीवन में कभी विपदाओं में घिर जाओ, कभी संकट के दरिया में फंस जाओ और रास्ता ना मिले तो अपने दिमाग का इस्तेमाल करके प्रभु पर भरोसा रखो क्योंकि हर समस्या का समाधान प्रभु ही करके देंगे इसको एक कहानी के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं :-
एक बूढ़े आदमी की जो अपने बेटे के साथ गांव में रहता था। उस बूढ़े व्यक्ति का जीवन चलता था उसके खेत से। जहां हर साल वो आलू की फसल करता था। आलू बाजार में जाकर के बेच के आता था और उससे जो है पूरे साल का खर्चा निकलता था। उनकी लाइफ ठीक-ठाक सी चल रही थी। सामान्य जीवन था लेकिन एक दिन विपदाओं का पहाड़ टूट गया। इस बूढ़े व्यक्ति के घर पर पुलिस वालों ने आकर के दरवाजा खटखटाया और इस बूढ़े आदमी के बेटे को पकड़ के ले गए।
ये चिल्लाता रहा कि मेरे बेटे ने कुछ नहीं किया है। नादान है, मासूम है। आप क्यों उसे ले जा रहे हो? लेकिन पुलिस वाले उसको पकड़ के ले गए और पूरे गांव में चिल्ला करके बताते हुए गए कि इस लड़के ने हथियार चुराया। हथियार चुराने के आरोप में उस बूढ़े व्यक्ति के बेटे को अरेस्ट कर लिया। बूढ़ा व्यक्ति हाथ जोड़ता रह गया लेकिन उसकी कुछ नहीं सुनी। उस दिन के बाद तो बूढ़े व्यक्ति के जीवन में सिर्फ आंसू लिखे थे।
हर समस्या का समाधान प्रभु करके देंगे बस विश्वाश रखना जरुरी।
हर दिन वो अपने बेटे को याद करता था। अपनी किस्मत को कोसता था, भाग्य को कोसता था। कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाता रहा कि बेटे को जेल से बाहर निकलवा दे लेकिन नहीं हो पाया और फाइनली वो समय आ गया जब खेत की खुदाई करनी थी। आलू की फसल का समय था लेकिन बूढ़ा व्यक्ति, बूढ़ा शरीर, कमजोर शरीर कैसे जाकर के जो है पूरे खेत की खुदाई करेगा? समझ नहीं आ रहा था। हर दिन जाता खेत तक वापस चला आता और बस भाग्य को कोसता रहता कि मेरे साथ क्यों बार-बार जाकर के कोर्ट कचहरी के चक्कर काटता कि बच्चे को जो है फ्री करवा लें लेकिन जेल से उसे छुड़ा नहीं पाया।
थक हार के एक दिन चिट्ठी लिखता है कि मेरे प्यारे बेटे तुम्हारी बहुत याद आती है। तुम्हें तो पता ही है वो समय आ गया है जब आलू की जो है फसल के लिए हम लोग खेत की खुदाई करते थे हर साल लेकिन अबकी बार यह संभव नहीं है क्योंकि तुम नहीं हो। और यह बूढ़ा शरीर इतना काम नहीं कर सकता। तुम्हारी बहुत याद आती है मेरे बेटे। मैं तो चाहता हूं कि तुम थोड़े दिन और जेल में रहो क्योंकि बाहर भी आ गए तो हमारे पास खाने पीने के लिए पैसे नहीं है। मैं तो अकेला गुजारा कर लूंगा। तुम तो वहीं रहो। ऐसा लिख के एक दर्दनाक सा इमोशनल सा जो है इसने लेटर लिखा। नीचे लिखा तुम्हारा पिता और भेज दिया।
हर समस्या का समाधान प्रभु करके देंगे बस विश्वाश रखना जरुरी।
उस लड़के को जब ये चिट्ठी मिली तो अगले ही दिन उसने अपने पिताजी के नाम एक टेलीग्राम भिजवाया। उसमें एक लाइन लिखी थी कि पिताजी खेत की खुदाई मत करना। उसमें मैंने हथियार छुपा के रखे हैं। और जैसे ही इस बूढ़े व्यक्ति के पास में वो टेलीग्राम आया एक बार के लिए तो उसे धक्का लगा कि मेरा बेटा तो सच में जो है अपराधी निकला। मैं तो अपने बच्चे को मासूम समझ रहा था। निर्दोष समझ रहा था। उसने तो सच में हथियार चुराए और छुपाए भी कहां है? हमारे खेत में जाकर के छुपा दिए। माथा पकड़ के बैठ गया।
अगले दिन क्या हुआ? गांव में फिर से पुलिस की टुकड़ी आई और पुलिस वालों ने जाकर के पूरे खेत की खुदाई कर दी। पूरे खेत को जो है छानबीन के देख लिया। लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। शाम में पुलिस वाले थक हार के चले गए। उस बूढ़े व्यक्ति को लगा चलो भगवान ने बचाया। मेरा बेटा कम से कम निर्दोष है। उसने हथियार तो नहीं चुराए। उसके अगले दिन फिर से इसने चिट्ठी लिखी कि मेरे बेटे मैंने तुम पर शक कर लिया था लेकिन तुम तो निर्दोष निकले। तुम तो मासूम निकले। मुझे क्षमा करना।
मेरे बेटे मुझसे यह अनजाने में हो गया कि मुझे लगा कि तुम अपराधी हो। मुझे क्षमा करना। ऐसा लिखकर के इसने चिट्ठी भेज दी। और उसके अगले ही दिन बेटे की ओर से फिर से टेलीग्राम आया कि पिताजी चिंता मत करो पूरे खेत की खुदाई हो गई है। अब आराम से आलू की फसल की तैयारी करो। जेल में रहकर के मैं कर ही क्या सकता था? जो कर सकता था मैंने कर दिखाया। बूढ़े व्यक्ति को अपने बेटे की चालाकी पर गर्व हुआ कि बच्चे ने जेल में रह के ही कमाल कर दिया।
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