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अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

January 6, 2026 by Gyan Kiya Leave a Comment

अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

दोस्तों जीवन में अपने माँ-बाप से बढकर कुछ भी नहीं होता है क्योंकि अपनी संतान के लिए माँ-बाप वहां भी हाथ फैला देता है जहां वह पैर रखना भी पसंद नहीं करते इसलिए हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए।

एक छोटी सी कहानी एक अमीर आदमी की जिसने अपने बर्थडे पर शानदार सी पार्टी रखी और उसने सोचा कि सारे दोस्तों को बुलाते हैं, उसके वैसे तो सारे फ्रेंड्स जो थे अमीर थे लेकिन एक दोस्त था जो स्कूल में साथ पढ़ा था और वो गरीब ही था तो उस गरीब दोस्त को भी उसने इनविटेशन दिया। अब गरीब दोस्त भी क्या करता? छोटा सा गिफ्ट लेकर के आ गया उस पार्टी में।

सारे बड़े-बड़े लोग आए हुए हैं। पार्टी चल रही है। शानदार पार्टी हुई, डिनर हो गया। उसके बाद इस अमीर आदमी को याद आया कि इसके हाथ में इसकी उंगली में जो वो हीरे वाली अंगूठी थी वो कहीं गिर गई और इसे लगा कि शायद वो थोड़ी ढीली हो गई थी तो वो जो रिंग है वो कहीं गिर गई।

इसने दोस्तों से कहा भाई टेंशन हो गई है वो मेरी रिंग गिर गई। सब लोग उसको ढूंढने लगे। रिंग मिल नहीं रही थी। बड़ी महंगी रिंग थी। उसको समझ नहीं आ रहा क्या करें? क्या करें? तभी एक अमीर दोस्त ने कहा भाई एक बात बोलूं? वो मिल नहीं रही है तो हो सकता है किसी ने ले ली हो। अब किसी एक आदमी की वजह से तुम जीवन भर हम सारे दोस्तों को कोसते रहोगे और सबको शक की निगाह से देखोगे।

अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

उससे बेहतर है कि तुम तलाशी ले लो। तुम सबकी तलाशी ले लो, सबकी पॉकेट चेक कर लो तो बर्ड बॉय कहने लगा अरे छोड़ो ना। क्या तलाशी लेनी है। तुम लोग थोड़ी ना चुराओगे। बोले नहीं नहीं भाई तलाशी ले लो। क्या बोलते हो दोस्तों? सारे लोग एक-एक करके हां करने लगे। सब ने हां कर दिया सिवाय उस गरीब दोस्त के। उसने हां नहीं बोला। उसने कहा मैं तलाशी नहीं दूंगा।

दोस्ती है तो फिर तलाशी किस बात की? मैं तलाशी नहीं दूंगा तो बाकी सारे लोग उसको शक की निगाह से देखने लगे कि यह तलाशी क्यों नहीं दे रहा? इसका मतलब पक्का इसने चुराई है और धीमी-धीमी आवाज में बोलने लगे चोर आ गया, गरीब है ना तो सोचा होगा कि चलो अमीर के यहां जा रहा हूं। माल ले लेता हूं वो बेचारा चुपचाप सुनता रहा। थोड़ी देर बाद सब अपने अपने घर पर चले गए।

यह अमीर व्यक्ति जो था जिसकी बर्थडे पार्टी थी अपने रूम में आया आकर के इसने अपना वो ब्लजर उतारा तो जो कोट था उसके अंदर वाली पॉकेट में इसे वो रिंग मिल गई वो हीरे की अंगूठी जिसके लिए इतना परेशान हो रहा था तो सोचने लगा कि सिर्फ एक अंगूठी की वजह से एक रिंग की वजह से मैंने अपने दोस्त पर शक किया और वो और वो बेचारा सबके सामने अपमान का जो है निशाना बन गया।

अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

और वो दोस्त जो कि स्कूल में मेरे साथ था जिसने मेरे गरीबी के दिन देखे थे। अमीर तो मैं बाद में बना। मेरे गरीबी के दिन उसने साथ देखे थे उसको मैंने मजाक का पात्र बना दिया। सबसे पहले कल जाकर के उसको सॉरी बोलूंगा। सुबह जागते ही सबसे पहले उसके घर गया। जाकर के उसको गले लगा लिया। बोले भाई मुझे माफ करना। मुझे पता नहीं था। वो अंगूठी तो मेरे ब्लजर के अंदर वाली पॉकेट में ही मिल गई थी।

पता नहीं कल क्या हुआ। सब लोग तुम्हारा मजाक उड़ाने लगे। मुझे अच्छा नहीं लग रहा है बिल्कुल भी। वो गरीब दोस्त ने कहा कोई बात नहीं ना मिल गई ना अंगूठी। ठीक है भाई खुश रहो। फिर ये बोलने लगा अमीर वाला कि भाई लेकिन एक बात बताओ तुमने जो है तलाशी क्यों नहीं लेने दी? तलाशी लेने देते जब तुमने चुराई नहीं थी तो किस बात की शंका थी? किस बात का डर था? तो गरीब दोस्त बोला कि भाई पहली बात तो तलाशी लेने का मतलब यह है कि तुम चोर समझ रहे हो। और सच बताओ ना भाई तो अपने घर में अंदर लेकर के गया।

वहां देखा तो पलंग पर एक छोटा बच्चा सोया हुआ था। बोले ये मेरा बेटा है। बहुत दिनों से बीमार है। कल मैं निकला ना तुम्हारी पार्टी में आने के लिए तो इसने मुझे बोला कि पापा आप जा रहे हो बड़ी जगह पर तो मिठाई ले आना ना। तो जब मैं वहां खाना खा रहा था तो मिठाई के सामने से निकला तो मुझे लगा कि एक मिठाई का पीस रख लेता हूं। मेरे बेटे की इच्छा पूरी कर देता हूं।

अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।

हम गरीब लोगों को कहां मिठाई वगैरह नसीब होती है। तो मैंने मिठाई उठा उठा करके अपनी जेब में रख ली थी। अब कल तुम अगर वो तलाशी लेते तो अंगूठी तो नहीं मिलती। मिठाई मिल जाती और मिठाई की चोरी का इल्जाम आ जाता और फिर मुझे बताना पड़ता मिठाई क्यों ली? मेरे बेटे को इस सब के बीच में लाना पड़ता। उसकी बीमारी और यह सब। मैं वह बात नहीं करना चाहता था।

मैं क्यों बताऊं मेरा बेटा बीमार है और मैं परेशान चल रहा हूं। बस मेरे बेटे की एक इच्छा थी मिठाई वाली तो मिठाई ले आया पर मैंने अंगूठी नहीं चुराई थी भाई यह कह करके उसकी आंखों में आंसू आ गए। अमीर वाले दोस्त ने उसको गले लगा लिया। बोले भाई बेटे का इलाज अभी कराते हैं। चलो लेके चलते हैं बड़े वाले हॉस्पिटल में और फिर उसने अपने दोस्त के बेटे का इलाज कराया।

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