UKSSSC पेपर फिर से लीक होने से अभ्यर्थी हुए निराश।

दोस्तों यूके एसएससी पेपर लीक का प्रकरण बहुत ही गंभीर विषय है लेकिन अफसोस इस बात का अधिक है कि आज तक जो भी पूर्व में एग्जाम्स हुए हैं उनमें नकल के द्वारा कई लोग नौकरियों पर बैठे हैं।
इस पेपर की पारदर्शिता भंग होने से 1. 50 लाख अभ्यर्थी सीधे प्रभावित हुए है, उन अभियर्थियों तथा उनके सभी अभिभावकों के सपनों का क्या जो उन्होंने अपने बच्चों के जरिये संजोये है आखिर कब तक यही चलता रहेगा क्योंकि लाखों अभ्यथियों की मेहनत और उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय ऐसे ही बर्बाद हो रहा है जिसके कारण अभ्यर्थी भी अब निराश हो गये है।
जब से उत्तराखण्ड बना तब से यही हाल हैं प्रदेश के चाहे पक्ष हो या विपक्ष जहाँ जिसको मौका मिल रहा वहीं वह अपने हाथ पाँव मार रहा है। यदि विगत दस सालों में हुई सभी भर्तियों पर निष्पक्ष जाँच हो जाय तो कई महारथी बाहर निकलेंगे बल्कि कई लोगों ने तो नौकरी पाने के लिए फर्जी मेडिकल तक बना रखे है वह भी एक सबसे बड़ा कुठाराघात उस बेरोजगार युवक के साथ है जो वास्तविक मेहनत कर रहा है, इन सभी फर्जियों की भी जाँच होनी जरूरी है।
यूके एसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना है कि इस मामले में उच्च स्तरीय बैठक चल रही है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है, अब ये देखना होगा कि इस मामले में कितने और लोगों का भंडा-फोड़ होता है क्योंकि कल यानि 20 सितम्बर को एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में हाकम सिंह और पंकज गौड़ पकड़े गए थे क्योंकि ये लोग 15 लाख रुपए में यूके एसएससी के माध्यम से 06 लोगों को नौकरी देने की बात कर रहे थे।
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