समस्या आने पे डरे नहीं बल्कि उसका समाधान ढूंडने का प्रयास कीजिये।

दोस्तों हम में से बहुत सारे लोग जब प्रॉब्लम्स में उलझ जाते हैं तो समझ ही नहीं पाते कि क्या करें उन्हें समझ ही नहीं आता कि इसका समाधान क्या है है जबकि समाधान हमारे सामने होता है, हमारे पास होता है, लेकिन हम डर के मारे, चिंता के मारे सिर्फ समस्या के बारे में ही सोच रहे होते हैं, नाकि समाधान के।
एक छोटी सी कहानी सुनाता हूं एक ऐसे व्यक्ति की जो लालच में आ गया उसे लगा कि जीवन में शॉर्टकट मिल जाएगा अगर मैं जादू सीख लूंगा क्योंकि किसी ने उसे ज्ञान दे दिया था कि जाओ जंगल में एक जादूगर रहता है, उससे जादू सीख कर आ जाओ फिर तुम जो चाहोगे तुम्हें मिलने लग जाएगा। बस इसी लालच में वह एक घनघोर जंगल में चला गया।
चलते-चलते उसे शाम हो गयी बस थोड़ा उजाला बाकी था और वह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। अंधेरे का समय हो रहा था और जंगल और घना होता जा रहा था तभी इसकी मुलाकात एक बूढ़े व्यक्ति से होती है। यह पूछता है कि क्या इस जंगल में सच में कोई जादूगर रहता है जो जादू सिखा देता है? वो बूढ़े व्यक्ति ने कहा हां हां रहता तो है आगे मिल जाएगा लेकिन बेटा ध्यान से जाना जंगल और गहरा होता जा रहा है और अंदर एक शेर भी रहता है जो कभी भी किसी पर भी हमला कर देता है।
समस्या आने पे डरे नहीं बल्कि उसका समाधान ढूंडने का प्रयास कीजिये।
थोड़ा संभल के जाना बस इतना सा तुम्हें कहना है बाकी जाओ जादू सीखो ये बोल के वो बूढ़े बाबा तो निकल गए। अब इसके अंदर डर बैठ गया कि कहीं शेर ना आ जाए। डरते हुए धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए पहुंच गया। शेर नहीं मिला इसे जादूगर मिल गया। खुश था कि चलो जादूगर को जो है बता देता हूं क्या चाहता हूं। जाकर के बता दिया कि मैं जादू सीखने आया हूं।
जादूगर ने कहा देखो तुम पहले शुद्ध होकर आओ। 100 मीटर की दूरी पर यहां तालाब है। जाओ जाकर के स्नान करो और वापस आ जाओ फिर मैं तुम्हें जादू सिखाता हूं उसने कहा ठीक है। गया जाकर के तालाब में स्नान किया और स्नान करके वापस निकला और जादूगर से मिलने के लिए तैयार होकर जब आ रहा था तभी झाड़ी में से निकल कर के शेर आ गया। जैसे इसने शेर को देखा कांप गया, डर के मारे भागने लगा उसी डायरेक्शन में भागा जिधर जादूगर था।
जादूगर ने देखा कि यह भागता हुआ आ रहा है, डरता आ रहा है। पीछे शेर आ रहा है। इस जादूगर ने खींचा इस व्यक्ति को और इसके पास जो झोला था उसे निकाल करके फेंक दिया शेर के सामने। शेर उस झोले में से मांस निकाल कर खाने लगा और खा के निकल के चला गया। जादूगर ने कहा, “यह तुम किसके लिए लाए थे?” यह आदमी कहने लगा, “मैं आपके लिए लाया था।
समस्या आने पे डरे नहीं बल्कि उसका समाधान ढूंडने का प्रयास कीजिये।
मुझे पता चला था कि आपको नॉनवेज पसंद है तो मीट ले आया था।” जादूगर ने कहा, “शेर तुम्हारे पीछे दौड़ा था ना?” तुम्हारे पीछे नहीं दौड़ा था। इस बैग के पीछे भागा था। उसे स्मेल आ गई थी कि तुम कुछ लेकर आए हो। तुम जबरदस्ती घबराते हुए भागते हुए चले जा रहे थे। वहीं फेंक देते बैग को। शेर खा के निकल जाता। तुम्हें कुछ कहता ही नहीं।
आओ तुम्हें जादू सिखा देता हूँ तो इस आदमी ने कहा नहीं जादू नहीं सीखना है गुरूजी जो सीखना था वो सीख लिया और प्रणाम करके जादूगर को चल पड़ा वहां से और जब वापस आ रहा था तो सोच रहा था जादूगर ने
बातों ही बातों में जिंदगी का जादू सिखा दिया। वो जादू पता है क्या था? वो जादू यह था जो जादूगर ने कहा था कि शेर तुम्हारे पीछे नहीं उस बैग के पीछे दौड़ा था। तुम घबराहट में भागते चले जा रहे थे। भूल गए थे कि समाधान क्या था?
यह छोटी सी कहानी बस यही सिखाती है कि जिंदगी में जब कोई संकट आ जाए तो बजाय कि भागने के ठहर जाइए। समाधान ढूंढना शुरू कीजिए। समाधान ठीक आपके पास है। बहुत दूर नहीं है। बहुत पास है। बस उसे ढूंढना शुरू कीजिए और समाधान आपके पास शांत मस्तिष्क में मिल जाएगा।
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