• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Gyan Kiya

जीवन में मदद से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं 🙏🙏

  • Home
  • Education
  • Knowledge
  • Motivation
  • Sports
  • Health
  • Tech
  • Entertainment

किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?

November 25, 2025 by Gyan Kiya 1 Comment

किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार  करना शुभ क्यों माना गया है?

किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार  करना शुभ क्यों माना गया है?

सबसे पहले बात करते  हैं ब्रह्मांड की। हमारे शास्त्रों के अनुसार पूरे ब्रह्मांड में 27 नक्षत्र हैं और हर नक्षत्र की चार दिशाएं मानी गई हैं यानि कि जब आप 27 को चार से गुणा करेंगे तो नंबर आएगा 108 यानि ये संख्या पूरे ब्रह्मांड को रिप्रेजेंट करती है और जब हम किसी मंत्र का जाप 108 बार करते हैं  तो हमारी अंतर यात्रा बाहरी ब्रह्मांड से  एक हो जाती है।

अब बात करते हैं ध्यान और शरीर की। कहा जाता है कि हमारे शरीर में 108 नाड़ियां आकर के हृदय चक्र पर मिलती हैं यानि हमारा केंद्र, हमारी चेतना, हमारा प्रेम सब 108 की संख्या से जुड़ा है। आयुर्वेद की बात करें तो आयुर्वेद में  कहा गया है मानव शरीर में 108 मर्म स्थान होते है जिन पर अगर सही दबाव पड़ जाए तो शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत रहता है  और जीवन दीर्घ हो जाता है, यहां तक कि हमारी बॉडी भी 108° फारेनहाइट से अधिक टेंपरेचर में जिंदा नहीं रह सकती कुल मिलकर स्वास्थ्य में भी 108 का अपना रूल है।

अब चलते हैं आकाश की ओर। धरती से सूर्य के बीच की दूरी। पृथ्वी से सूर्य के बीच का जो डिस्टेंस है लगभग जो सूरज है उसके व्यास से 108 गुना है। और पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की जो डिस्टेंस है चांद के व्यास से 108 गुना है। और यह कोई संयोग नहीं है बल्कि एक  गणना है। इतना ही  नहीं अगर मैं बात करूं हमारे शास्त्रों  की।

किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार  करना शुभ क्यों माना गया है?

हमारे पास में 108 उप निषद हैं। भगवान  शिव की 108 तांडव मुद्राएं हैं। भारत में 108 शक्तिपीठ हैं। भगवान विष्णु जी के 108 दिव्य धराएं हैं। यह संख्या केवल धर्म में नहीं प्रेम, शक्ति और आध्यात्मिकता में भी उतरती है। बौद्ध धर्म की बात करें तो बौद्ध धर्म में माना गया है कि इंसान के भीतर 108 सांसारिक वासनाएं होती हैं, जिन पर विजय पाकर ही मोक्ष प्राप्ति की जा  सकती है।

जापान की बात करूं तो वहां नए साल पर 108 बार मंदिर की घंटियां बजाई जाती हैं ताकि आने वाला साल शुभ हो, शांतिपूर्ण हो और भाषा विज्ञान की बात करूं तो संस्कृत में 108 को हर्षद संख्या कहा गया है। हर्ष यानी आनंद दा यानी देना। 108 वो नंबर है जो आपको आनंद देगा तो अगली बार जब आप किसी माला में किसी मंत्र का 108 बार जो है जाप करें। किसी माला में 108 मनके देखें। किसी जाप में 108 उच्चारण करें। कहीं पर भी 108 लिखा हुआ देखें तो याद रखें कि यह अपने आप में एक नंबर नहीं है यह ध्यान, विज्ञान और ब्रह्मांड का जीवित रहस्य है क्योंकि 108 वो संख्या है जहां आत्मा और ब्रह्मांड एक दूसरे से मिल जाते हैं।

Read Previous Post

भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।

Filed Under: Education Tagged With: किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?

Reader Interactions

Trackbacks

  1. धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी। - Gyan Kiya says:
    November 27, 2025 at 8:35 pm

    […] […]

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Search Here

Calendar

December 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
« Nov    

Categories

  • Education (6)
  • Entertainment (1)
  • Health (6)
  • Knowledge (4)
  • Motivation (19)
  • Sports (1)
  • Tech (2)

Recent Posts

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी।
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • बॉलीवुड की एक से बढकर एक फ़िल्में क्यों फ्लॉप हो रही है?

Recent Comments

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी। - Gyan Kiya on किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है? - Gyan Kiya on भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है। - Gyan Kiya on राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • JuliaTak on भगवान संकट में जरुर साथ देते हैं बस भरोसा होना चाहिए।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज। - Gyan Kiya on प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय।

Copyright © 2025 Gyan Kiya