• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Gyan Kiya

जीवन में मदद से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं 🙏🙏

  • Home
  • Education
  • Knowledge
  • Motivation
  • Sports
  • Health
  • Tech
  • Entertainment

जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।  

October 11, 2025 by Gyan Kiya 1 Comment

जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।  

जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।  

हमारी पूरी जिंदगी निकल जाती है दूसरों की जिंदगी में झांकने में, ताका झांकी करने में कि उसके जीवन में क्या चल रहा है?  उसकी लाइफ में क्या चल रहा है? वो ऐसा क्यों है? वैसा क्यों? उसने ऐसा क्यों किया?  वैसा क्यों किया? पूरी लाइफ हम दूसरों को एनालाइज करते रहते हैं।

सेल्फ एनालिसिस भूल जाते हैं। खुद को एनालाइज करना भूल जाते हैं इसलिए इस जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद कीजिए और जिंदगी का आनंद लेना शुरू कीजिए, इसकी कीमत को समझना शुरू कीजिए।

एक बिजनेस मैन की जो हीरो का व्यापारी था एक शहर से दूसरे शहर जा रहा था। समुद्री रास्ते से जहाज में जो है बैठकर के उसे ट्रैवल करना था। 7 दिन की यात्रा थी और वह व्यापारी अपने साथ में हीरो की एक छोटी सी पोटली एक गठरी लेकर के जा रहा था उसी के व्यापार के सिलसिले में उसे दूसरे शहर में जाना था।

यह बात एक ठग को पता चल गई और वह ठग उस बिजनेस मैन के पीछे-पीछे हो लिया। उसने अपना भेष बदल लिया। बिजनेस मैन की तरह जो है कपड़े पहन लिए। ड्रेस अप कर लिया और उस जहाज में वो भी सवार हो गया साथ में उसके चिपक के चलने लगा।

कोशिश करने लगा बातचीत करने की, फ्रेंडशिप करने की। और फाइनली उन दोनों के बीच में बातचीत बढ़ी। ये जो ठग था इसने अपने को बहुत बड़ा बिज़नेसमैन बताया। बहुत ऊंची-ऊंची फेंकी। वहां मेरी फैक्ट्री, यहां मेरी फैक्ट्री, यहां बिज़नेस है, वहां बिज़नेस है। उस कंट्री में, इस कंट्री में बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था।

जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।  

एक-दो दिन के अंदर दोनों के जो है अच्छी बॉन्डिंग हुई। दोनों की अच्छी मित्रता हो गई। दोनों साथ में रुके। उसी जहाज में जो एक कमरा था उसमें। जब-जब वो जो असली बिजनेस मैन था वो बाहर जाता था किसी काम से या वॉश रूम के लिए तब-तब यह जो नकली वाला बिजनेसमैन था, जो ठग था, वो उस असली बिजनेस मैन के बैग को तलाशने की कोशिश करता था।

उसके अंदर ढूंढने की कोशिश करता था कि वो हीरों की पोटली मिल जाए। वो गठरी मिल जाए। छोटा सा जो बैग है लेकिन मिलता ही नहीं। तीन दिन, 4 दिन, पांच दिन आखिरी दिन आ गया यात्रा का इसके चेहरे पर बहुत चिंता थी। बहुत परेशान हो रहा था कि टिकट का खर्चा हो गया। फालतू में सात दिन मेरे व्यर्थ हो गए।

वो जो असली बिजनेसमैन था उसने देख लिया कि जो मेरा नया-नया दोस्त बना है इसके चेहरे पर तो हवाइयां जो है उड़ी हुई है तो उसने पूछा भाई बात क्या है?  इतने परेशान क्यों? इतनी चिंता में क्यों?  तो वो जो ठग था उसने कहा, नहीं-नहीं कोई बात नहीं है।

मैं तो बिज़नेस को लेकर के चिंता में हूं तो जसली बिज़नेस मैन था उसने अपनी ओर से कुछ बिजनेस मैनेजमेंट के टिप्स दिए ऐसा करो वैसा करो। वो जो ठग था उसका दिमाग खराब हो रहा था कि फालतू की बातें कर रहा पता नहीं चल पा रहा है कि वो हीरों की पोटली कहाँ है।

जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।  

फाइनली वो यात्रा समाप्त हो गई। फाइनली पहुंच गए जहां पहुंचना था। और जब सब अपने-अपने घर की ओर निकल रहे थे। तभी पीछे से दौड़ता हुआ आया ठग और आकर के उस असली बिज़नेसमैन से कह कि भाई साहब सुनो एक बात पूछ रहा हूं सच्ची सच्ची बताना। आप सच में बिजनेस मैन हो या ठग हो?

उसने कहा क्या बोल रहे हो? मैं बिजनेस मैन हूं। बोला नहीं आप मुझसे भी बड़े ठग हो। मैं आपको सच बताता हूं। मैं कोई बिजनेसमैन नहीं हूं। मैं तो ठग हूं। मुझे पता था कि आप अपने साथ एक हीरो की पोटली लेकर के निकले हो। उसी के बिजनेस के लिए यहां आए हो और मैं वो चुराना चाहता था इसलिए मैंने बिजनेस मैन का ड्रेस अप किया। नौटंकी करी और आपके पीछे आ गया लेकिन आप मुझसे भी बड़े ठग निकले।

आपने वो छुपा कर कहां रखी है? मुझे अब तक क्यों नहीं मिली?  मैं सात दिन आपके साथ रहा लेकिन ढूंढ नहीं पाया। अब तो बता दो। वो जो बिजनेसमैन था हंसने लगा। बोला भाई मैं कोई ठग-बग नहीं हूं। बस मैंने तो एक सिंपल सा फार्मूला अपनाया। जब-जब मैं उस कमरे को छोड़कर के बाहर निकलता था मैं वो जो पोटली थी वो मेरे बैग से निकाल कर तुम्हारे बैग में डाल देता था ताकि तुम मेरे बैग को टटोलते रहो और तुम्हें कुछ मिले ही नहीं। वापस आता था फिर से तुम्हारे बैग में से निकाल करके अपने बैग में रख लेता था।

मैंने सातों दिन यही फार्मूला अपनाया। जब-जब गायब होता था अपनी उस पोटली को तुम्हारे बैग में डाल जाता था। तुमने मेरे बैग को पूरा टटोल लिया। पूरी ताका झांकी कर ली लेकिन अपने बैग को नहीं टटोला।

Read Previous Post

हमेशा नारी का सम्मान करना चाहिए।

Filed Under: Motivation Tagged With: जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंदगी का आनंद लीजिये।

Reader Interactions

Trackbacks

  1. जीवन में अहंकार कभी भी नहीं करना चाहिए। - Gyan Kiya says:
    October 11, 2025 at 9:59 pm

    […] जीवन को व्यर्थ गवाँना बंद करें और जिंद… […]

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Search Here

Calendar

December 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
« Nov    

Categories

  • Education (6)
  • Entertainment (1)
  • Health (6)
  • Knowledge (4)
  • Motivation (19)
  • Sports (1)
  • Tech (2)

Recent Posts

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी।
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • बॉलीवुड की एक से बढकर एक फ़िल्में क्यों फ्लॉप हो रही है?

Recent Comments

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी। - Gyan Kiya on किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है? - Gyan Kiya on भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है। - Gyan Kiya on राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • JuliaTak on भगवान संकट में जरुर साथ देते हैं बस भरोसा होना चाहिए।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज। - Gyan Kiya on प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय।

Copyright © 2025 Gyan Kiya