• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Gyan Kiya

जीवन में मदद से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं 🙏🙏

  • Home
  • Education
  • Knowledge
  • Motivation
  • Sports
  • Health
  • Tech
  • Entertainment

जीवन का असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

December 31, 2025 by Gyan Kiya Leave a Comment

जीवन का असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

जीवन का असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

दोस्तों, क्या कभी ठहर कर आपने सोचा है कि इंसान इतनी दौड़ क्यों लगा रहा है? कोई दौड़ रहा है पद के लिए, कोई पैसे के लिए, तो कोई दूसरों की तारीफ पाने के लिए लेकिन जब रात होती है, जब भीड़ थम जाती है, तब वही इंसान अपने भीतर एक खालीपन महसूस करता है। क्यों? क्योंकि वह उस चीज को बाहर खोज रहा है जो उसके भीतर ही बसी है और वह है खुशी।

दोस्तों, भगवान श्री कृष्ण हमें यही सिखाते हैं कि सच्चा सुख बाहर नहीं भीतर है। जिस दिन इंसान यह जान ले कि उसकी मुस्कान किसी और के व्यवहार पर निर्भर नहीं है, उसी दिन से वह सच में आजाद हो जाता है। कृष्ण कहते हैं जो अपने मन पर विजय पा लेता है, वह संसार पर भी विजय पा लेता है। बाहर की लड़ाईयां हमारे भीतर की उथल-पुथल का ही रिफ्लेक्शन होती है।

अगर भीतर संतुलन है तो बाहर के तूफान भी हमें नहीं हिला सकते लेकिन अगर मन ही बिखरा हुआ हो तो छोटी सी बात भी जड़ से हिला देती है। लोग अक्सर कहते हैं कि उसने मुझे दुख दिया। उसने धोखा दिया पर दुख देने वाला कोई और नहीं हमारी अपनी अपेक्षाएं होती हैं। जब हम उम्मीद छोड़कर स्वीकार करना सीख जाते हैं तो हर वह चोट दवा बन जाती है।

सोचिए कितनी बार हमने सोचा है कि एक अच्छी नौकरी मिल जाए तो मैं खुश रहूंगा। नौकरी मिल गई तो एक अच्छा घर बन जाए तब मैं आराम से रहूंगा। हम अक्सर अपनी खुशी को किसी चीज से बांध कर देखते हैं कि जब यह मिलेगी तब ही मैं खुश रहूंगा या रहूंगी लेकिन जब वह चीज मिलती है तब भी दिल खाली क्यों रहता है? क्योंकि खुशी कुछ मिल जाने से नहीं आती बल्कि महसूस करने से आती है।

जीवन का असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

जीवन में जो कुछ हमारे पास है वही हमारे लिए पर्याप्त है तो क्यों ना हम शिकायत को छोड़कर खुश रहना सीखें। जब मन में ख़ुशी होती है तब साधारण चीजें भी असाधारण सी लगती हैं। सुबह की धूप, किसी की मुस्कुराहट या फिर एक प्याली चाय सब में सुख मिलने लगता है। खुशी एक आदत है कोई घटना नहीं। हर सुबह जब सूरज उगता है तो वह यह नहीं सोचता कि कल बादल थे या किसी ने उसकी तारीफ की या फिर नहीं की। वो बस अपने कर्म में लगा रहता है।

इंसान को भी सूरज की तरह बनना है। कर्म करो फल की चिंता ना करो। जो व्यक्ति अपने मन को साध लेता है उसे सुख बहका नहीं सकता और दुख तोड़ नहीं सकता क्योंकि उसने जान लिया है कि असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

Read Previous Post

जीवन में हमेशा पॉजिटिव रहिये नाकि नेगेटिव।  

Filed Under: Motivation Tagged With: जीवन का असली आनंद बाहरी हालत में नहीं भीतर के स्थिरता में है।

Reader Interactions

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Search Here

Calendar

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
« Jan    

Categories

  • Education (8)
  • Entertainment (2)
  • Health (8)
  • Knowledge (5)
  • Motivation (36)
  • Sports (2)
  • Tech (2)
  • Uncategorized (1)

Recent Posts

  • अपने माँ-बाप का जीवन में हमेशा सम्मान करना चाहिए।
  • समस्या आने पे डरे नहीं बल्कि उसका समाधान ढूंडने का प्रयास कीजिये।  
  • खुशियों को बांटना शुरू कीजिए बड़ा सुकून मिलेगा।
  • जीवन में किसी का अहित नहीं सोचना चाहिए।
  • पढाई ही वह माध्यम है जिससे आप अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हो।

Recent Comments

  • SarahTak on भगवान संकट में जरुर साथ देते हैं बस भरोसा होना चाहिए।
  • समस्या आने पे डरे नहीं बल्कि उसका समाधान ढूंडने का प्रयास कीजिये।   - Gyan Kiya on खुशियों को बांटना शुरू कीजिए बड़ा सुकून मिलेगा।
  • खुशियों को बांटना शुरू कीजिए बड़ा सुकून मिलेगा। - Gyan Kiya on जीवन में किसी का अहित नहीं सोचना चाहिए।
  • जीवन में किसी का अहित नहीं सोचना चाहिए। - Gyan Kiya on पढाई ही वह माध्यम है जिससे आप अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हो।
  • पढाई ही वह माध्यम है जिससे आप अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हो। - Gyan Kiya on हर समस्या का समाधान प्रभु करके देंगे बस विश्वाश रखना जरुरी।

Copyright © 2025 Gyan Kiya