• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Gyan Kiya

जीवन में मदद से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं 🙏🙏

  • Home
  • Education
  • Knowledge
  • Motivation
  • Sports
  • Health
  • Tech
  • Entertainment

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

October 2, 2025 by Gyan Kiya 1 Comment

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

दोस्तों वक्त बहुत धारदार होता है कट तो जाता है लेकिन बहुत कुछ काटने के बाद क्योंकि हम कई बार प्रयास करते ही नहीं है अपने एफर्ट्स को बचा के रखते हैं कि कल से, परसों से जब वो पल आ जाए वो क्षण आ जाए ऐसी अपॉर्चुनिटी आ जाए, यह कुछ हो जाए तब कुछ करूंगा और जब तक हमें समझ में आता है तब तक समय निकल चुका होता है।

जिंदगी ना छोटी नहीं होती है लोग वाकई में जीना देरी से शुरू करते हैं जब तक रास्ते समझ में आते हैं बहुत देर हो चुकी होती है इसलिए अभी से अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

आइये इस बात को एक कहानी के माध्यम से समझते है कि एक गांव में एक बुजुर्ग रहते थे जिनके पास में सोने की थाली थी इस रहस्य को इस राज को उन्होंने किसी के साथ शेयर नहीं किया था सिर्फ उनक पत्नी जानती थी जो कि कुछ समय पहले चल बसी थी।

घर में किसी को पता नहीं था कि बाबा जी के पास में जो है सोने की थाली है वो अपने कमरे में संदूक के अंदर कपड़ों के नीचे छुपा करके उस थाली को रखत थे किसी को बताते नहीं थे उसके बारे में वो यह सोचा करते थे कि यह जो सबसे कीमती चीज है इसका इस्तेमाल करने वाला वही व्यक्ति होना चाहिए जो इसके लायक हो तो इसके लिए वो प्रतीक्षा करते थे कि हमारे घर पर कभी कोई खाने के लिए ऐसा व्यक्ति आए जिसको कि इस सोने की थाली में भोजन परोसा जाए।

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

एक बार उनके घर पर एक संत महात्मा पधारे और जैसे ही संत आए उनका आदर सत्कार हुआ बुजुर्ग को याद आया कि मेरे पास में सोने की थाली है व अपने कमरे की ओर गए उस संदूक के पास गए उसको जाकर के हाथ लगाया और वह थाली बाहर निकालने ही वाले थे कि विचार आया कि ऐसे महात्मा को क्या सोने की थाली में भोजन कराना जो गांव-गांव जाकर भिक्षा मांगते हैं उनके लिए यह थाली नहीं है और इस विचार के साथ ही उन्होंने वापस उस थाली को वहीं बंद कर दिया और सामान्य थाली में जो महात्मा जी आए थे उनको भोजन परोस दिया।

अब किसी को तो पता ही नहीं था इस रहस्य के बारे में कुछ समय के बाद बाद में जो राजा के मंत्री थे वह मंत्री साहब उस गांव में आए हुए थे और रात काफी बीत चुकी थी तो उन्होंने कहा हम यहीं रात्रि विश्राम करेंगे अब गांव में इन बुजुर्ग (जिनके पास सोने की थाली थी) की बड़ी इज्जत थी तो लोगों ने कहा आप इनके घर पर विश्राम कीजिए।

उस दिन फिर से बुजुर्ग को लगा कि वह सोने की थाली में जिसको भोजन परोसना चाहिए वो व्यक्ति आ चुका है वह इस राज्य का मंत्री है फिर से अपने कमरे में गए संदूक के पास गए थाली निकालने वाले थे फिर ख्याल आया कि जब भोजन ही कराना है सोने की थाली में तो मंत्री को क्यों कराऊं राजा को कराऊंगा जिस दिन राजा आएगा उसी दिन इस थाली को निकाल लूंगा यह सोच कर के उन्होंने थाली वहीं पर फिर से बंद कर दी और सामान्य सी थाली में मंत्री को भी भोजन परोस दिया गया मंत्री जी भी चले गए।

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

एक दिन ऐसा आया शायद उनकी प्रार्थना की शक्ति रही होगी राजा भी उस गांव में पधारे लेकिन उसके पीछे कारण कुछ और था वह जो राजा था व युद्ध हार चुका था अपने पड़ोसी राज्य से और अपनी सेना को इकट्ठी करने चला था वो राजा गांव-गांव जाकर के लोगों को संगठित करने का प्रयास कर रहा था जिसके बाद रात्रि का समय हो चुका था तो राजा ने कहा रात्रि विश्राम इसी गांव में होगा।

गांव के लोगों ने कहा बुजुर्ग से कि आपके घर पर ही विश्राम करेंगे राजा साहब और कहां जाएंगे राजा उस बुजुर्ग के घर पर पधारे और बुजुर्ग ने सोचा कि वो क्षण आ गया है जब सोने की थाली में भोजन परोसा जाए बड़ी खुशी से अपने कमरे की ओर बढ़े संदूक के पास गए कपड़े हटाए जहां छुपी हुई थी थाली उस थाली को बाहर निकाला और जैसे ही उस थाली को हाथ में लिया बुजुर्ग को लगा कि नहीं नहीं यह थाली जो है इसमें तो भोजन उसे करना चाहिए जो गौरवशाली राजा है हमारे राजा का तो गौरव कम हो गया अभी-अभी, पराजय मिली, हार मिली है।

हारा हुआ राजा सोने की थाली में खाना खाएगा अच्छा नहीं लगेगा यह सोच कर के उन्होंने फिर से उस थाली को उसी संदूक में बंद कर दिया वापस आ गए वही सामान्य सी थाली में राजा ने भोजन कर लिया और इस घटना के कुछ दिन बाद बुजुर्ग की मृत्यु हो गई।

अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

काफी समय बीत जाने के बाद जो उनका बेटा था वो गया और पिताजी की व संदूक को खोल देख रहा था क्या क्या है उसमें तो अंदर एक काली थाली मिली, काली पड़ चुकी थी रखी रखी उसने अपनी पत्नी को बुला कर के कहा कि देखो पिताजी क्या करते थे उन्होंने थाली छुपा के रख रखी थी काली हो चुकी है पूरी की पूरी पत्नी ने भी मुंह फेर लिया कि अरे क्या गंदी सी थाली मुझे दिखा रहे हो।

पत्नी ने कहा कि ऐसा करो हमारे घर में जो पालतू कुत्ता है उसको इसमें भोजन परोसना शुरू कर दो उसके बाद वह थाली हर दिन इस्तेमाल में लाई जाने लगी हर दिन उसमें भोजन जो है परोसा जाने लगा लेकिन एक पालतू कुत्ते के लिए कहां बुजुर्ग ने बचा करके रखी थी कि कोई आएगा और इसमें खाएगा और क्या उस थाली का हाल हो गया, पहचान में ही नहीं आई कि ये सोने की है।

Read Previous Post

जीवन में हमेशा हिम्मत और हौंसला बनाये रखना जरुरी।

Filed Under: Motivation Tagged With: अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए।

Reader Interactions

Trackbacks

  1. हमेशा नारी का सम्मान करना चाहिए। - Gyan Kiya says:
    October 10, 2025 at 8:45 pm

    […] अपनी जिंदगी सुधारने में समय लगाइए। […]

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Search Here

Calendar

December 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
« Nov    

Categories

  • Education (6)
  • Entertainment (1)
  • Health (6)
  • Knowledge (4)
  • Motivation (19)
  • Sports (1)
  • Tech (2)

Recent Posts

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी।
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • बॉलीवुड की एक से बढकर एक फ़िल्में क्यों फ्लॉप हो रही है?

Recent Comments

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी। - Gyan Kiya on किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है? - Gyan Kiya on भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है। - Gyan Kiya on राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • JuliaTak on भगवान संकट में जरुर साथ देते हैं बस भरोसा होना चाहिए।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज। - Gyan Kiya on प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय।

Copyright © 2025 Gyan Kiya