जमाना मेहनत करने वालों का नहीं मेहनत करवाने वालों का है।

तुमने बचपन से सुना है मेहनत करोगे तो सब मिलेगा पर सच्चाई यह है कि मेहनत करने वाले को हमेशा सिर्फ थकान मिली है, दौलत नहीं। सोचो जरा। किसान सबसे पहले उठता है। सबसे आखिर में सोता है। पसीना उसकी जमीन में गिरता है, लेकिन फसल का असली दाम उसे नहीं मिलता। मजदूर दिन भर ईंट पत्थर उठाता है। मगर महल किसी और के नाम होता है। रिक्शा वाला, फैक्ट्री वर्कर, दुकानदार सब मेहनत करते हैं। पर अमीर कौन होता है? वो नहीं जो काम करता है। वह होता है जो काम करवाता है, क्योंकि पैसा मेहनत से नहीं आता। पैसा आता है समझ से, चालाकी से और सही फैसले से।
यह दुनिया मेहनती लोगों की नहीं है। यह दुनिया स्मार्ट लोगों की है। भोले लोग बस नियम मानते हैं। चालाक लोग वो नियम बनाते हैं। भोले लोग कहते हैं मेहनत ही पूजा है। चालाक लोग कहते हैं मेहनत किसी और से करवाओ। दिमाग खुद लगाओ। तुम्हें लगता है अमीर लोग दिन रात काम करते हैं? नहीं। वे सिस्टम बनाते हैं।
जहां उनकी जगह कोई और काम करें और फायदा उनके खाते में जाएमेहनत सिर्फ ईंधन है पर अमीरी का इंजन दिमाग है, अगर मेहनत ही सब कुछ होती तो खेतों में काम करने वाला किसान सबसे अमीर होता पर ऐसा नहीं है, क्योंकि इस खेल का नाम हैस्मार्टनेस ना कि स्ट्रगल। दुनिया भोले लोगों को यही सिखाती है।
जमाना मेहनत करने वालों का नहीं मेहनत करवाने वालों का है।
ईमानदारी से काम करो फल मिलेगा लेकिन सच्चाई यह है कि फल हमेशा उसी की टोकरी में गिरता है। जिसने पेड़ लगाया नहीं बल्कि दूसरों से लगवाया। अब वक्त है समझने का। भोले रहकर इस दुनिया में कोई नहीं जीतता। अगर जीतना है तो चालाक बनो। सोचो रणनीति बनाओ क्योंकि पैसा हमेशा उसी के पास जाता है जिसे मौका पहचानना आता है। मेहनत करो लेकिन अंधी मेहनत नहीं। सोच के साथ करो। दिमाग के साथ करो। क्योंकि मेहनत तुम्हें रोटी देगी पर चालाकी तुम्हें राज देगी।
पैसा कभी मेहनत से नहीं आता। पैसा आता है दिमाग से, चाल से और समय की पहचान से और जब तुम यह खेल समझ जाओगे तो दुनिया तुम्हारे लिए काम करेगी। तुम्हें किसी के नीचे नहीं किसी के ऊपर खड़ा होना है, क्योंकि यही खेल है मेहनत करने वालों का नहीं, मेहनत करवाने वालों का।
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