• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar

Gyan Kiya

जीवन में मदद से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं 🙏🙏

  • Home
  • Education
  • Knowledge
  • Motivation
  • Sports
  • Health
  • Tech
  • Entertainment

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।

October 25, 2025 by Gyan Kiya 1 Comment

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

प्रेमानंद जी कहते हैं कि जीवन का एकमात्र उद्देश्य प्रेम करना और प्रभु के चरणों में समर्पित होना है क्योंकि वो कहते हैं कि राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। उनकी यह बात हर उस व्यक्ति के लिए है जो जीवन में दुख या निराशा महसूस करता है।

उनका जीवन एक प्रेरणा है कि जब आप भगवान पर भरोसा करते हैं तो कोई भी कठिनाई आपको नहीं हरा सकती। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी को लंबी आयु दें ताकि हम सब उनसे ज्ञान ले सके। हम सब उनको सुन सके और वह इस कलयुग में संसार को और बहुत सारी अच्छाइयों से रूबरू करा सके और लोगों को बेहतर बना सके।

श्री हित राधा केलीकुंज

साल 2016 में प्रेमानंद जी ने वृंदावन में श्री हित राधा केलीकुंज ट्रस्ट की स्थापना की। इस ट्रस्ट का उद्देश्य था संतों, साधकों और जरूरतमंदों की सेवा करना और राधा कृष्ण भक्ति का प्रचार करना। इस ट्रस्ट ने कई शानदार कार्य किए जैसे रोजाना सैकड़ों लोगों को मुफ्त में भोजन करवाना। चिकित्सा सेवा में गरीब साधकों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवाएं मुहैया कराना।

शिक्षा और सत्संग के क्षेत्र में भक्ति साहित्य का वितरण करना और नियमित सत्संग करना। आश्रम में रमण रीति पर आश्रम जहां भक्त ठहर सकते थे। प्रेमानंद जी कहते हैं कि सेवा ही सच्ची भक्ति है। किसी भूखे को भोजन देना राधा रानी की सच्ची सेवा है। ट्रस्ट ने वृंदावन में भक्ति और सेवा का एक नया स्वरूप स्थापित किया।

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

आज ये ट्रस्ट लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। 2020 के बाद प्रेमानंद जी की प्रसिद्धि बड़ी तेज फैली। उनके सत्संग के वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल होने लगे। उनकी सादगी और प्रेम भरी वाणी ने हर वर्ग को आकर्षित किया। कई मशहूर हस्तियां उनके दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचने लगी।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी साल 2022 में उनके सत्संग में शामिल हुए। विराट ने कहा कि महाराज की वाणी से मन को अनोखी शांति मिलती है और ऐसे कई और जो हर रोज उनके दर्शन करने को आते हैं। इनके दर्शन ने उनकी ख्याति को विश्व स्तर पर पहुंचा दिया। उनके सत्संग को विदेशों में भी लोग देखने लगे। वो कहते कि हर जीव में राधा रानी का अंश है। भेद करना पाप है।

उनकी यह समावेशी सोच ने भक्ति को आधुनिक युग में प्रासंगिक बना दिया हालांकि 35 साल की आयु में ही प्रेमानंद जी को एक गंभीर रोग का सामना करना पड़ा था। उनकी किडनी खराब हो गई थी। प्रेमानंदजी के समर्थक प्रेमानंद जी के चाहने वाले उन्हें अक्सर किडनी दान देने की बात करते हैं, लेकिन किडनी की कहानी 35 साल की आयु में शुरू हुई थी जब पॉलिस्टिक किडनी डिसीज से उनका सामना हुआ था। डॉक्टरों ने कहा कि उनके पास अधिकतम 4 से 5 वर्ष का समय शेष है। यह खबर किसी भी सामान्य व्यक्ति को तोड़ सकती थी लेकिन प्रेमानंद जी का हृदय भक्ति की अग्नि से प्रज्वलित था जो किसी भी विपत्ति को भस्म करने में सक्षम थी। उन्होंने बीमारी को कभी अपने मन पर हावी नहीं होने दिया।

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

उनकी आंखों में राधा रानी के चरणों का ध्यान था और उनके होठों पर सदा भगवान का नाम था। वो दृढ़ता से कहते कि मैंने अपनी बीमारी को अपने मन का मालिक नहीं बनने दिया। मेरा मन तो राधा रानी के चरणों में समर्पित है।

प्रेमानंद जी की भक्ति और उनके प्रभु के प्रति अटूट विश्वास ने ना केवल उनके जीवन को बल दिया बल्कि भक्तों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने। जब भक्तों को उनके रोग का पता चला तो कई भक्तों ने आगे आकर अपनी किडनी को दान करने की पेशकश की लेकिन प्रेमानंद जी महाराज का हृदय करुणा और त्याग से भरा था।

उन्होंने विनम्रता से मना करते हुए कहा कि मैं किसी को कष्ट देकर सुख नहीं ले सकता। भगवान की इच्छा ही मेरे लिए सर्वस्व है। उनकी निस्वार्थ भावना उनके आध्यात्मिक बल को और अधिक उजागर करती है। आज भी उनके शरीर में असीम दर्द बना रहता है। रोग नेउ नके शरीर को कमजोर करने की हर संभव कोशिश की है पर उनके चेहरे की मुस्कान और हृदय की शांति को वो छू तक नहीं पाया और उनकी दैनिक दिनचर्या इसका जीवंत उदाहरण है।

महाराज जी प्रतिदिन सत्संग आयोजित करते हैं। जहां सैकड़ों भक्त उनकी वाणी में भक्ति का रसपान करते हैं। उनकी बातें सुनकर भक्तों का मन प्रभु प्रेम में डूब जाता है। इतना ही नहीं नियमित रूप से वृंदावन की पवित्र परिक्रमा करते हैं जिसमें उनका शारीरिक दर्द भी उनके समर्पण के सामने हार मान जाता है।

राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

प्रेमानंद जी का जीवन एक जीवन संदेश है। सच्चा समर्पण और भक्ति का दुख हर कठिनाई को पार कर सकतीहै। उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि जब भगवान के चरणों में आप अर्पित हो तो कोई भी शारीरिक या सांसारिक पीड़ा उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उनका जीवन ना केवल उनके भक्तों बल्कि प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जीवन की चुनौतियों से जूझ रहा।

प्रेमानंद जी का कहना है कि जब राधारानी का आशीर्वाद है तो बीमारी क्या? मृत्यु भी मेरे प्रभु प्रेम को छू नहीं सकती। उनकी यह दृढ़ता और भक्ति की मस्तीह में सिखाती है कि जीवन का सच्चा सुख भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण में ही है। प्रेमानंद जी महाराज का जीवन हमें यह भी सिखाता है कि प्रेम और भक्ति से हर असंभव को संभव बनाया जा सकता है। उनका बचपन भक्ति के बीच था। सन्यास की राह ने उन्हें तपाया। वृंदावन ने उन्हें प्रेम का सागर बनाया। गुरु दीक्षा ने उन्हें रसिक संत बनाया। ट्रस्ट ने भक्ति को सेवा से जोड़ा। सेलिब्रिटी दर्शनों ने उनकी वाणी को विश्व पटल तक पहुंचाया और बीमारी पर जीतने समर्पण की ताकत दिखाई।

Read Previous Post

प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय।

Filed Under: Education Tagged With: प्रेमानंद जी, राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा।

Reader Interactions

Trackbacks

  1. भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है। - Gyan Kiya says:
    November 20, 2025 at 10:02 pm

    […] […]

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Primary Sidebar

Search Here

Calendar

December 2025
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
« Nov    

Categories

  • Education (6)
  • Entertainment (1)
  • Health (6)
  • Knowledge (4)
  • Motivation (19)
  • Sports (1)
  • Tech (2)

Recent Posts

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी।
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • बॉलीवुड की एक से बढकर एक फ़िल्में क्यों फ्लॉप हो रही है?

Recent Comments

  • धर्मेन्द्र जी के जीवन के बारे में कुछ जानकारी। - Gyan Kiya on किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है?
  • किसी भी मंत्र का उच्चारण 108 बार करना शुभ क्यों माना गया है? - Gyan Kiya on भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है।
  • भगवान को जिस तक जो पहुंचाना होता है उसे पहुंचा देता है। - Gyan Kiya on राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज।
  • JuliaTak on भगवान संकट में जरुर साथ देते हैं बस भरोसा होना चाहिए।
  • राधा रानी की शरण लो सब ठीक हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज। - Gyan Kiya on प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय।

Copyright © 2025 Gyan Kiya