आप ही अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

अगर आपको इस जिंदगी में किसी में कमी दिखाई देर ही है तो जाकर के उससे बात कीजिए लेकिन अगर आपको हर किसी में कमी दिखाई दे रही है तो सबसे पहले अपने आप से बात कीजिए क्योंकि जीवन में हमेशा हम दूसरों में दोष निकालते रह जाते हैं लेकिन खुद के अंदर झांकना भूल जाते हैं।
आइये इसको एक कहानी के माध्यम से समझते है :-
एक ऑफिस में सुबह-सुबह जब कर्मचारी ऑफिस टाइम में जैसे ही वह पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दरवाजा जो था उसके बाहर नोटिस बोर्ड पर एक पेपर चिपका हुआ है और जाकर के सब ने उसे पढ़ने की कोशिश की तो उसमें लिखा हुआ था कि दुख की बात है आपको बताते हुए बड़ा दुख हो रहा है कि जिसकी वजह से आपकी ग्रोथ रुकी हुई थी उस साथी का कल रात में निधन हो गया है।
आप सब जाकर के कॉन्फ्रेंस हॉल में कॉन्फ्रेंस रूम में एक कॉफिन (ताबूत) रखा हुआ रखा है, उसके अंदर जो है वो शव है। अंतिम दर्शन कर सकते हैं। उसके बाद जो है अंतिम संस्कार किया जाएगा। सब ने जैसे ही यह पढ़ा सबको लगा कि यह कौन था जिसकी वजह से हमारी ग्रोथ रुकी हुई थी? कौन था जिसने जो है हमारे जीवन में जो है उन्नति को रोका हुआ था और सब जो है बड़ी उत्सुकता से उसको देखना चाह रहे थे।
कॉन्फ्रेंस हॉल के बाहर एक लंबी लाइन लग गई और वो एक-एक करके सबको अंदर जाने दे रहे थे। जो बाहर निकल कर के आ रहा था वो बड़ी गंभीर मुद्रा में आ रहा था। बड़ा उदास होकर के आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि उसका कोई अपना चला गया। उसका दिमाग जो है बिल्कुल हिला हुआ था। ऐसा लग रहा था।
आप ही अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
फाइनली सब एक-एक करके एक-एक करके दर्शन करने के लिए चले गए। अंत में सिर्फ एक कर्मचारी बचा और यह वो कर्मचारी था जिसको हमेशा ऑफिस से दिक्कत रहती थी। जिसको लगता था इन सब की वजह से मैं आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं। बॉस की वजह से नहीं बढ़ पा रहा हूं। सैलरी ऐसी है। उसको हर चीज में दिक्कत है। इंटरनेट स्लो है। कंप्यूटर नहीं चलता। ऑफिस का इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक नहीं है। हर बात में उसे समस्या रहती थी।
सबसे समस्या वो बड़ा जो है खुश था अंदर से उसे लग रहा था कि चलो जिसकी वजह से ग्रोथ रुकी हुई थी फाइनली वह चला गया। अब जो है मेरे जीवन में आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता तो बड़ा अंदर से उत्सुक था लेकिन भाव जो है उसने दुख वाले रखे हुए थे कि लोगों को ना लग जाए कि अंदर से खुश है।
फाइनली वो अंदर पहुंचा कॉन्फ्रेंस रूम में जो टेबल पर कॉफिन रखा हुआ था। कॉफिन में जो है उसने झांक करके देखा उस ताबूत के अंदर कि कौन था। उछल करके उसने कूद करके देखना चाहा कि कौन था जिसकी वजह से रुका हुआ था। सारी ग्रोथ जिसने रोक रखी है। जैसे ही वह उछल करके कूदा और अंदर झांका उसने उसे बहुत जोर से गुस्सा आया क्योंकि अंदर कोई डेड बॉडी नहीं थी।
आप ही अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
अंदर एक मिरर रखा हुआ था। शीशा था। उस शीशे में अपना चेहरा देखकर के वो चिल्लाने वाला था कि यह क्या मजाक है। तभी उसने पास में चिपका हुआ एक कागज देखा वो जो कागज लगा हुआ था उस पर लिखा हुआ था चिल्लाना मत। तुम्हारी ही वजह से तुम्हारी ग्रोथ रुकी हुई है। तुम हमेशा दूसरों को दोष देते रहते हो। स्वयं के अंदर झांक करके देखो। तुम सब कुछ बदल सकते हो। तुमन अपनी ही ग्रोथ को, अपनी ही उन्नति को रोक रखा है। चुपचाप ही वहां से उदास मुंह लटकाए जैसे बाकी लोग निकले थे।
उस दिन ऑफिस में सब चुप चाप काम करते रहे। सबको लाइफ का सबसे बड़ा लेसन मिल गया कि लाइफ में अगर कोई आगे बढ़ने से रोक रहा है तो वह स्वयं और स्वयं आप ही हैं। आप ही अपने जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं। बेहतर बना सकते हैं। बेहतरीन बना सकते हैं यहां तक कि बदतर बना सकते हैं। अब कैसा बनाना है यह आप पर डिपेंड करता है।
याद रखिए महाभारत में भी भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था युद्ध तो तुझे ही करना है। मैं तेरे साथ खड़ा हूं। कर्म करना होगा तभी बेहतरीन फल मिलेगा और स्वयं के बारे में विचार कीजिए कि कहां कमियां है।
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